नई दिल्ली । दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि रानी झांसी मार्ग पर स्थित प्राचीन झंडेवालान मंदिर प्रबंधन ने फुटओवर ब्रिज के बगल में अपना गेट गिरा दिया है। उससे पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी। साथ ही उत्तर और दक्षिण दिल्ली को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर ट्रैफिक जाम भी कम होगा। मंदिर प्रबंधन ने एलजी के अनुरोध पर इस कदम उठाया।
उपराज्यपाल ने बताया कि गेट के हटाए जाने से ईदगाह, सदर बाजार, आजाद मार्केट, मॉडल बस्ती, पुल बंगश और मोतिया खान जैसे भारी भीड़भाड़ वाले इलाकों के निवासियों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसको लेकर एलजी ने अपनी पोस्ट में कहा, मंदिर प्रबंधन की नागरिक भावना को मेरा सलाम। इससे पहले दिल्ली नगर निगम ने पहाडगंज इलाके में रानी झांसी मार्ग पर मंदिर और मजार के अवैध रूप से अतिक्रमण को हटा दिया था। सड़क चौड़ीकरण में बाधा बनने की वजह से रानी झांसी रोड पर स्थित मामू-भांजे की मजार को ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले पिछले साल अगस्त में मजार की बाउंड्रीवाल हटाई गई थी। वहीं इसके बगल में ही झंडेवालान मंदिर प्रबंधन को दीवार हटाने को कहा गया था,
उन्होंने स्वयं दीवार हटा ली थी। पिछले साल अगस्त में लोक निर्माण विभाग ने झंडेवालान इलाके में रानी झांसी रोड पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत एक मंदिर और एक मजार (जिसे मामू-भांजे मजार के नाम से जाना जाता है) की सामने की दीवार को तोड़ दिया था। उस दौरान कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों की मौजूदगी में तोड़फोड़ की गई थी। यह कार्रवाई प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना का मार्ग प्रशस्त करने के लिए थी।