- '10% से कम वालों के प्रति हमेशा असंवेदनशील': जावेद अख्तर ने पाक राष्ट्रपति ज़रदारी पर साधा निशाना, उन्हें खरी-खोटी सुनाई

गीतकार जावेद अख्तर ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी के एक बयान पर आपत्ति जताई है। ज़रदारी ने कहा था कि पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों को "बर्दाश्त" करता है, जिस पर अख्तर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। जावेद अख्तर ने असल में क्या कहा, यह जानने के लिए नीचे पढ़ें।

मशहूर भारतीय गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के बारे में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। अख्तर ने हिंदू आबादी के संदर्भ में ज़रदारी द्वारा "बर्दाश्त" (tolerate) शब्द के इस्तेमाल पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने ज़रदारी के बदनाम उपनाम "मिस्टर 10 परसेंट" पर भी तंज कसा।

**स्वतंत्रता दिवस समारोह और विवादित बयान का वीडियो**

यह पूरा मामला पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह के एक वीडियो के बाद सामने आया। समारोह के दौरान, राष्ट्रपति ज़रदारी ने भारत और पाकिस्तान में हिंदू आबादी की स्थिति की तुलना करते हुए एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि भारत का अपना अलग नजरिया और एजेंडा है, लेकिन वह कुछ बारीकियों को नजरअंदाज कर देता है। ज़रदारी ने आगे कहा, "हम मुसलमान हैं, और हमारी सोच ऐसी है कि हम अपने देश में 3 से 4 प्रतिशत हिंदू आबादी को 'बर्दाश्त' करते हैं। वे यहां उतने ही स्वतंत्र और खुशहाल हैं जितने वे कहीं और हो सकते हैं।"

**सोशल मीडिया पर जावेद अख्तर की तीखी प्रतिक्रिया**

Javed Akhtar - Black Hat

सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति के बयान का वीडियो वायरल होने के बाद, जावेद अख्तर ने 'X' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हिंदू समुदाय के संबंध में ज़रदारी द्वारा "बर्दाश्त" शब्द के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की। अख्तर ने लिखा कि मिस्टर ज़रदारी—जो बेनजीर भुट्टो से शादी के बाद चर्चा में आए थे—अपने देश में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को "बर्दाश्त" करने का दावा करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह समझ सकते हैं कि ज़रदारी हमेशा उन चीजों के प्रति असंवेदनशील क्यों रहे हैं जो 10 प्रतिशत से कम होती हैं।

 

'मिस्टर 10 परसेंट' वाले तंज के पीछे की कहानी
जावेद अख्तर की '10 प्रतिशत' वाली टिप्पणी आसिफ अली ज़रदारी से दशकों से जुड़े एक पुराने उपनाम की ओर इशारा करती है। 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में, बेनज़ीर भुट्टो की सरकार गिरने के बाद, तत्कालीन कार्यवाहक प्रधानमंत्री गुलाम मुस्तफा जतोई ने ज़रदारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन पर सरकारी कॉन्ट्रैक्ट और बिजनेस डील्स में 10 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगा, जिससे उन्हें 'मिस्टर 10 परसेंट' का नाम मिला—एक ऐसा आरोप जिसे ज़रदारी ने हमेशा नकारा है।

भारत-पाकिस्तान संबंधों और पड़ोसी देश पर अख्तर का रुख
यह पहली बार नहीं है जब जावेद अख्तर ने सीमा पार से आने वाले बयानों या पाकिस्तान की नीतियों पर खुलकर बात की है। इससे पहले भी कई मंचों पर उन्होंने सीमा पार आतंकवाद और दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में पाकिस्तान की ओर से पहल न किए जाने पर सवाल उठाए हैं। मुंबई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जहां भारत ने हमेशा पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की ईमानदार कोशिशें की हैं, वहीं "ताली एक हाथ से नहीं बजती," और पाकिस्तान की तरफ से ऐसी कोई ठोस कोशिश कभी नहीं देखी गई।

Javed Akhtar - Yash Raj Films

सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा
अल्पसंख्यक समुदायों के बारे में पाकिस्तानी राष्ट्रपति की भाषा और जावेद अख्तर के दो-टूक जवाब ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। ऐसे समय में जब दुनिया भर में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सम्मान को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं, अख्तर की त्वरित और तीखी प्रतिक्रिया को काफी समर्थन मिल रहा है।

 

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