यूजी के तीसरे वर्ष का स्कोर 7.5 होने पर ही चौथे वर्ष में प्रवेश मिलेगा। चौथे वर्ष में रिसर्च मेथोडोलॉजी पढऩा होगी। उन्हें रिसर्च डिग्री मिलेगी, जबकि दूसरा विकल्प ऑनर्स का है। जो छात्र रिसर्च नहीं चुनेंगे, उन्हें चौथे वर्ष में ऑनर्स की डिग्री मिलेगी। फस्र्ट ईयर में पढ़ाई छोडऩे पर सर्टिफिकेट, सेकंड ईयर में डिप्लोमा और थर्ड ईयर में सिर्फ प्लेन डिग्री मिलेगी।बावजूद इसके कॉलेज बीकॉम, बीए व बीएससी के साथ ही बीबीए जैसे कोर्स के स्पेशलाइजेशन की भी संबद्धता ला रहे हैं। इंदौर में ही 45 से ज्यादा कॉलेजों को अलग-अलग स्पेशलाइजेशन कोर्स की संबद्धता 2023 सत्र के लिए डीएवीवी ने जारी की है।
नए सत्र-2024 के लिए भी यूनिवर्सिटी ने इन कॉलेजों की यह प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए कुछ कॉलेज उच्च शिक्षा विभाग की एनओसी भी ले आए हैं। इस मामले में कुछ छात्रों ने यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर पूछा है कि जब स्पेशलाइजेशन खत्म हो गए हैं तो कॉलेज और यूनिवर्सिटी यह दावा क्यों कर रहे हैं। दरअसल इसके पीछे सारा खेल फीस का है। क्योंकि स्पेशलाइजेशन कोर्स की फीस कॉलेज लगभग दोगुना वसूलते हैं। यूनिवर्सिटी भी कॉलेजों से स्पेशलाइजेशन कोर्स का संबद्धता शुल्क प्लेन कोर्स की तुलना में ढाई गुना लेती है। हर 30 सीट पर यह शुल्क लगता है।
9000 है बीकॉम प्लेन की औसत फीस
14000 है बीकॉमटैक्स प्रोसिजर, कम्प्यूटर एप्ली. एडवरटाइजिंग की फीस
6000 है बीए प्लेन की औसत फीस
13000 है बीए इकोनॉमिक्स ऑनर्स की औसत फीस