मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह खदान और खनिजों से जुड़े संशोधन बिल को वापस ले। मुख्यमंत्री सोरेन ने साफ कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन होगा।
झारखंड के रांची में चल रही JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' को वापस लेने की मांग की है। साथ ही, CM सोरेन ने चेतावनी दी कि अगर बिल वापस नहीं लिया गया, तो झारखंड के लोग इतना बड़ा आंदोलन करेंगे जिसे पूरा देश देखेगा।
**अगर ज़मीन झारखंड की है, तो हमारे अधिकारों पर दिल्ली क्यों फ़ैसला करे? – सोरेन**
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट किया: "झारखंड एक ऐसा बड़ा आंदोलन शुरू करेगा जिसे पूरा देश देखेगा। खनिज झारखंड के हैं और ज़मीन भी झारखंड की है; तो हमारे अधिकारों और हक़ पर दिल्ली क्यों फ़ैसला करे? लोकसभा और राज्यसभा दोनों में 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' को जल्दबाज़ी में पास करके केंद्र सरकार ने झारखंड को कमज़ोर कर दिया है।"
**झारखंड सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगा**
अपने X पोस्ट में CM सोरेन ने आगे लिखा, "यह 'काला कानून' झारखंड और यहां के लोगों के साथ अन्याय है; यह उनके विकास और भविष्य पर करारी चोट है। झारखंड इस सौतेले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा। झारखंड में करोड़ों लोगों को फ़ायदा पहुंचाने वाली सामाजिक सुरक्षा योजनाएं—जैसे मैया सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य पहल—बंद होने की कगार पर आ जाएंगी।"
**CM सोरेन ने बिल वापस लेने की मांग की**
मुख्यमंत्री सोरेन ने लिखा, "झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका कड़ा विरोध करता है। अगर केंद्र सरकार इस 'काले कानून' को वापस नहीं लेती है, तो झारखंड एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा जिसे पूरा देश देखेगा। हर ज़िले, ब्लॉक, पंचायत और शहर में ज़बरदस्त विरोध होगा। अगर केंद्र सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया और झारखंड व यहां के लोगों के अधिकारों और हक़ को बहाल नहीं किया, तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगा।
हूल जोहार! जय झारखंड!" **माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 क्या है?** भारत में माइनिंग का काम 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957' के तहत होता था। इस एक्ट की धारा 2 के तहत, केंद्र सरकार खदानों और खनिजों के विकास को रेगुलेट करती थी।
'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' इस एक्ट में बदलाव करता है ताकि पूरे भारत में मिनरल सेक्टर के लिए एक जैसा और संतुलित फाइनेंशियल ढांचा बनाया जा सके। यह कानून राज्य सरकारों को केंद्र सरकार द्वारा तय शर्तों या पाबंदियों के बिना मिनरल राइट्स या खनिज वाली ज़मीनों पर कोई भी नया टैक्स लगाने से रोकता है। संसद के दोनों सदनों ने अगस्त में इस बिल को पास किया था।