NCP नेता शरद पवार ने महाराष्ट्र के पुणे ज़िले के चाकन इंडस्ट्रियल एरिया में खराब सड़कों, पानी की कमी और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं पर चिंता जताई है।
NCP नेता और राज्यसभा सांसद शरद पवार ने चाकन इंडस्ट्रियल एरिया की इन समस्याओं का ज़िक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इन दिक्कतों की वजह से 20 कंपनियाँ—जिनमें से हर एक में 2,000 से ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं—अपनी जगह बदलने पर विचार कर रही हैं।
केंद्र सरकार के आँकड़ों का हवाला देते हुए पवार ने यह भी बताया कि पिछले पाँच सालों में राज्य में 36,211 प्राइवेट कंपनियाँ बंद हो गई हैं, जिससे रोज़गार पर असर पड़ा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह MIDC और दूसरे संबंधित विभागों के साथ मिलकर तुरंत इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करे।
**शरद पवार के बयान पर CM ने स्थिति स्पष्ट की**
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पवार के बयान पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि "बंद" बताई गई कंपनियों में से लगभग 76 प्रतिशत असल में "निष्क्रिय" (defunct) थीं—यानी उन्होंने कभी कामकाज शुरू ही नहीं किया था और उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं के ज़रिए लिस्ट से हटा दिया गया था।
**4 लाख एक्टिव कंपनियों के साथ महाराष्ट्र पहले स्थान पर**
आँकड़े साझा करते हुए फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र लगभग 4 लाख एक्टिव कंपनियों और हर साल सबसे ज़्यादा नए रजिस्ट्रेशन के साथ देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राज्य का इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और विदेशी निवेश का माहौल मज़बूत बना हुआ है।
**चाकन इंडस्ट्रियल एरिया की समस्याओं को माना**
चाकन इंडस्ट्रियल एरिया की स्थानीय समस्याओं को मानते हुए फडणवीस ने कहा कि सरकार उन्हें हल करने के लिए तेज़ी से काम कर रही है। उद्योग मंत्री उदय सामंत की अगुवाई में ज़िला प्रशासन, MIDC, PMRDA और NHAI के अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई। चाकन की समस्याओं को हल करने के लिए शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म प्लान बनाए गए, ताकि यह पक्का किया जा सके कि किसी भी कंपनी को राज्य छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े।