*वंदे मातरम* को लेकर हुए विवाद पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि *वंदे मातरम* में छह पद (stanzas) हैं और कानून के तहत सिर्फ़ इन्हीं छह पंक्तियों का पालन करना ज़रूरी है।
लोकसभा सचिवालय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को दो नोटिस भेजे हैं। ये नोटिस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए "इडियट" (मूर्ख) शब्द के इस्तेमाल पर उनसे जवाब मांगने के लिए भेजे गए हैं। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि राहुल ने सदन में संसदीय नियमों का पालन नहीं किया और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया।
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इस नोटिस को लेकर राहुल गांधी का बचाव किया और खुद गृह मंत्री पर सवाल उठाए। राउत ने नोटिस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि किसी को "इडियट" कहना कब से असंसदीय हो गया है।
संजय राउत ने नोटिस पर सवाल उठाए
नोटिस पर टिप्पणी करते हुए शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा, "उन्हें नोटिस क्यों भेजा गया है? उन्होंने किसी को 'इडियट' कहा; क्या 'इडियट' कोई असंसदीय शब्द है? हमारे गृह मंत्री—जिन्होंने जंतर-मंतर पर छोटे बच्चों पर पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल का आदेश दिया और उन पर नुकीले डंडों से हमला करवाया—अगर वे संसद में आकर जवाब नहीं देते हैं, तो आप उन्हें क्या कहेंगे? वे सब इडियट ही तो हैं, है ना? आमिर खान की एक फिल्म आई थी जिसका नाम था *3 इडियट्स*। उसे कई अवॉर्ड मिले। अगर 'इडियट' शब्द असंसदीय है, तो सेंसर बोर्ड ने उस फिल्म को मंज़ूरी कैसे दी?"
उन्होंने आगे कहा, "मूर्खता असंसदीय तो नहीं है, है ना? अगर राहुल गांधी को नोटिस मिला है, तो यह सरकार की मूर्खता को दर्शाता है। राहुल गांधी के सच बोलने में कुछ भी गलत नहीं है।" संजय राउत ने आगे कई बीजेपी नेताओं—जिनमें गिरीश महाजन और नासिक के चंपत राय शामिल हैं—को "इडियट" करार दिया और कहा कि सरकार मूर्खों द्वारा चलाई जा रही है। उन्होंने टिप्पणी की, "यह मूर्खों की कैबिनेट है।"
मामला क्या है? गौरतलब है कि 'पेपर लीक बिल' पर संसदीय चर्चा के दौरान, राहुल गांधी ने एक छात्र का हवाला देते हुए 'इडियट' और 'अंधभक्त' (blind devotee) शब्दों का इस्तेमाल किया था। सत्ताधारी पार्टी ने इस पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद, बीजेपी सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और संजय जायसवाल ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की। इस शिकायत के बाद, लोकसभा की एक समिति ने विपक्ष के नेता को नोटिस जारी किया। समिति ने राहुल से 28 अगस्त, 2026 तक अपना जवाब देने को कहा है।
**'वंदे मातरम' के अपमान को लेकर मोदी और शाह पर आरोप**
इस बीच, संजय राउत ने भी 'वंदे मातरम' विवाद पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "'वंदे मातरम' के छह पद ज़रूरी हैं और कानून में इन्हीं छह खास पंक्तियों का ज़िक्र है। जब यह कानून पास हो रहा था, तब देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। यह सबसे बड़ा अपमान है।" पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में राउत ने 'वंदे मातरम' को लेकर पीएम मोदी और अमित शाह पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि क्या मोदी, अमित शाह और अन्य लोग बिना टेलीप्रॉम्प्टर और बिना किसी गलती के 'वंदे मातरम' की छह पंक्तियाँ गा सकते हैं।